सोलर पंप से हर साल होगी बचत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस योजना के फायदे बताते हुए कहा है कि देश के 30 लाख से अधिक किसान सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। उनके अनुसार, सोलर पंप के इस्तेमाल से किसान सालाना करीब 1 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं। हालांकि, वास्तविक बचत किसान के सिंचाई खर्च और पंप के इस्तेमाल पर निर्भर करेगी।
सोलर पंप पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
पीएम कुसुम योजना के तहत पात्र किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य सहायता ढांचे के अनुसार: केंद्र सरकार की ओर से 30 प्रतिशत तक सब्सिडी। जबकि राज्य सरकार की ओर से कम से कम 30 प्रतिशत सहायता। किसान को लगभग 40 प्रतिशत राशि स्वयं या बैंक ऋण के माध्यम से जुटानी होती है। कुछ विशेष राज्यों और क्षेत्रों में सब्सिडी का अनुपात अलग हो सकता है। इसलिए आवेदन से पहले अपने राज्य की योजना और निर्धारित शर्तों की जानकारी जरूर लें।
बंजर जमीन से भी कर सकते हैं कमाई
इस योजना का फायदा सिर्फ सिंचाई तक सीमित नहीं है। किसान अपनी अनुपयोगी या खेती के लिए कम उपयुक्त जमीन पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के विकल्प का लाभ भी ले सकते हैं। इससे बिजली उत्पादन करके ग्रिड को बिजली बेचने और अतिरिक्त आमदनी का रास्ता खुल सकता है। इसके लिए निर्धारित नियमों और बिजली खरीद समझौते की शर्तें लागू होंगी।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
इस योजना के लिए पात्र किसान आवेदन कर सकते हैं। कुछ घटकों के तहत अपनी या लीज पर ली गई जमीन की व्यवस्था भी स्वीकार की जाती है। आवेदन की प्रक्रिया राज्य सरकार, संबंधित बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) या अधिकृत पोर्टल के माध्यम से पूरी की जा सकती है।
पीएम कुसुम योजना में आवेदन कैसे करें?
योजना की जानकारी और आवेदन के लिए किसान आधिकारिक वेबसाइट https://pmkusum.mnre.gov.in/ पर जा सकते हैं। यहां योजना के अलग-अलग घटकों, पात्रता और आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है। आवेदन करने से पहले अपने राज्य में उपलब्ध विकल्प और सब्सिडी की शर्तें जरूर जांच लें।

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