3500 करोड़ रुपये से तैयार होगी परियोजना
इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। डीडीयू से झाझा तक लगभग 400 किलोमीटर के रेल नेटवर्क को छह चरणों में विकसित करने की योजना बनाई गई है। फंड की मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।
कोइलवर में बनेगा फोरलेन रेल पुल
परियोजना के पहले चरण में डीडीयू से दानापुर के बीच करीब 203 किलोमीटर रेलखंड पर काम होना है। इसी योजना के तहत कोइलवर में सोन नदी पर चार रेल लाइनों वाला नया पुल बनाया जाएगा। इसके साथ दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख और पुनारख-किऊल रेलखंडों पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना भी शामिल है।
अलग-अलग चरणों में पूरा होगा काम
इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, पुनारख-बाढ़-बख्तियारपुर रेलखंड का काम जुलाई 2029 तक पूरा करने की योजना है। वहीं, बख्तियारपुर-फतुहा खंड को 2030 तक और डीडीयू-दानापुर, पुनारख-किऊल तथा किऊल-झाझा समेत अन्य हिस्सों को 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
फिलहाल व्यस्त रेलखंडों पर ट्रेनों का दबाव अधिक रहने के कारण कई बार गाड़ियों को रास्ते में रोकना पड़ता है। नई रेल लाइनें और सोन नदी पर बनने वाला पुल तैयार होने के बाद ट्रेनों के परिचालन के लिए अतिरिक्त रास्ते उपलब्ध होंगे। इससे ट्रेनों की आवाजाही सुचारु बनाने और भविष्य में यात्री व मालगाड़ियों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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