इस चरण में अभिभावक 25 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार, इस चरण के बाद 27 मार्च को लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाएगा। जिन बच्चों का नाम लॉटरी में आएगा, उन्हें निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का लाभ मिलेगा।
पहले दो चरणों में 1.56 लाख सीटें आवंटित
राज्य में आरटीई के तहत पहले और दूसरे चरण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। इन दोनों चरणों में मिलाकर करीब 1.56 लाख बच्चों को निजी विद्यालयों में सीटें आवंटित की गई हैं। फिलहाल इन बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया चल रही है।
सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया पर दिया जोर
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऑनलाइन किया गया है। आवेदन से लेकर दस्तावेजों की जांच और लॉटरी तक सभी चरण डिजिटल माध्यम से पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं।
इन जिलों में सबसे ज्यादा आवेदन
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य के कई बड़े जिलों में आरटीई के तहत काफी संख्या में सीटें आवंटित की गई हैं। इनमें लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, आगरा, मुरादाबाद और बुलंदशहर जैसे जिलों में सबसे ज्यादा बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला है।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
अभिभावक अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायत या नगर वार्ड में स्थित किसी भी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल का चयन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें आरटीई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन से जुड़ी सभी जानकारी और प्रक्रिया पोर्टल rte25.upsdc.gov.in पर उपलब्ध है।
गरीब परिवारों के बच्चों को मिलेगा फायदा
आरटीई योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा का अवसर देना है। इस योजना के तहत निजी स्कूलों में एक निश्चित प्रतिशत सीटें ऐसे बच्चों के लिए आरक्षित रखी जाती हैं, जिससे उन्हें बिना शुल्क के पढ़ाई का मौका मिल सके।

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