ममता सरकार के कामकाज पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
सर्वे में जब लोगों से पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार के प्रदर्शन को लेकर सवाल किया गया, तो काफी लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। लगभग 34.8 प्रतिशत लोगों ने सरकार के काम को ‘बेहतरीन’ बताया, जबकि 9.5 प्रतिशत लोगों ने इसे ‘अच्छा’ माना। हालांकि, करीब 18 प्रतिशत लोग सरकार के कामकाज से बेहद असंतुष्ट नजर आए और उन्होंने इसे ‘बहुत खराब’ बताया। कुल मिलाकर देखें तो सकारात्मक प्रतिक्रिया देने वालों की संख्या 44 प्रतिशत से अधिक रही, जो सत्ताधारी दल के लिए राहत की बात मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री पद के लिए किसे मिल रहा समर्थन
मुख्यमंत्री पद की पसंद को लेकर पूछे गए सवाल में ममता बनर्जी अब भी सबसे आगे दिखाई दीं। सर्वे के अनुसार करीब 41.6 प्रतिशत लोग उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। वहीं भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को लगभग 18.9 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है।
इसके अलावा समिक भट्टाचार्य को भी कुछ प्रतिशत लोगों की पसंद मिली, जबकि अभिषेक बनर्जी और मोहम्मद सलीम जैसे नेताओं का समर्थन अपेक्षाकृत कम रहा। आंकड़ों के मुताबिक मुख्यमंत्री की पसंद के मामले में तृणमूल कांग्रेस को भाजपा पर करीब 7 प्रतिशत से अधिक की बढ़त मिलती नजर आ रही है।
चुनाव में कौन से मुद्दे रहेंगे अहम
सर्वे में यह भी सामने आया कि इस बार चुनाव में कुछ खास मुद्दे जनता के बीच प्रमुख रह सकते हैं। सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी को माना जा रहा है, जिसे करीब 36 प्रतिशत लोगों ने अपनी मुख्य चिंता बताया। इसके अलावा कानून व्यवस्था और सुरक्षा का मुद्दा भी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जिसे लगभग 19 प्रतिशत लोगों ने प्राथमिकता दी। भ्रष्टाचार भी चुनावी बहस का अहम विषय बन सकता है, क्योंकि लगभग 13 प्रतिशत लोगों ने इसे बड़ा मुद्दा बताया है।
घुसपैठ और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भी राय
सर्वे में अवैध घुसपैठ को लेकर उठाए गए राजनीतिक सवालों पर भी लोगों की राय सामने आई। करीब एक तिहाई लोगों का मानना है कि यह मुद्दा सही तरीके से उठाया गया है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई और छापेमारी का राजनीतिक असर भी चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच चल रहे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर भी लोगों की राय बंटी हुई दिखाई दी। कई लोगों ने माना कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बराबर आरोप लगा रहे हैं।

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