अंतिम चरण में पहुंचा निर्माण कार्य
गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण अब अंतिम चरण में है और इसके उद्घाटन की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। हाल ही में लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव और यूपीडा के सीईओ दीपक कुमार ने परियोजना की प्रगति का जायजा लिया और तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली और उन्नाव सहित कई जिलों में निर्माण कार्य को तेज कर दिया गया है।
राम वनगमन पथ से भी जुड़ेगा एक्सप्रेस-वे
इस परियोजना का एक खास पहलू यह भी है कि गंगा एक्सप्रेस-वे को अयोध्या से चित्रकूट तक बनाए जा रहे राम वनगमन पथ से जोड़ा जा रहा है। इससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच और अधिक आसान हो जाएगी। परियोजना से जुड़े इंजीनियरों और अधिकारियों ने कई जिलों में निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा भी लिया है।
आधुनिक तकनीक से लैस होगा एक्सप्रेस-वे
करीब 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। सड़क सुरक्षा के लिए कई जगह अलार्म सेंसर लगाए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में तुरंत सूचना मिल सके। इसके अलावा मवेशियों के सड़क पर आने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर लगभग पांच फीट ऊंची चहारदीवारी बनाई जा रही है।
गंगा एक्सप्रेस-वे पर जल्द शुरू होगा आवागमन
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के अनुसार एक्सप्रेस-वे से जुड़े बचे हुए कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगभग दो सप्ताह में शेष काम पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसकी अंतिम समीक्षा की जाएगी। अगर सब कुछ तय समय के अनुसार पूरा हुआ, तो अप्रैल महीने तक गंगा एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का आवागमन शुरू हो सकता है। इसके शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और प्रदेश के कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
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