भारत रूस से खरीदेगा अत्याधुनिक हथियार, रक्षा ताकत होगी और मजबूत

नई दिल्ली। भारत अपनी वायु सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए लगातार आधुनिक हथियारों को शामिल कर रहा है। इसी दिशा में अब भारत रूस से अत्याधुनिक शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम Pantsir‑S1 खरीदने की तैयारी कर रहा है। यह सिस्टम खासतौर पर ड्रोन, क्रूज मिसाइल और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हवाई खतरों को नष्ट करने में बेहद प्रभावी माना जाता है।

रक्षा मंत्रालय ने इस सिस्टम की 13 यूनिट्स खरीदने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। इनमें से 10 यूनिट भारतीय वायुसेना और 3 यूनिट थल सेना के लिए प्रस्तावित हैं। इस नई खरीद से देश की वायु रक्षा क्षमता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

क्या है पैनत्सर-S1 सिस्टम

Pantsir‑S1 रूस द्वारा विकसित एक हाइब्रिड एयर डिफेंस सिस्टम है। इसका मतलब यह है कि इसमें मिसाइल और ऑटोमैटिक तोप दोनों का इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि यह कम दूरी के हवाई खतरों से निपटने में बेहद कारगर माना जाता है। यह सिस्टम चलते-फिरते या स्थिर स्थिति दोनों में दुश्मन के लक्ष्य पर हमला करने में सक्षम है। इसके तेज प्रतिक्रिया समय और मल्टी-टारगेट क्षमता के कारण इसे दुनिया के प्रभावी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टमों में गिना जाता है।

मुख्य विशेषताएं

इस सिस्टम में एक साथ कई तरह की तकनीकें शामिल हैं, जो इसे बेहद खतरनाक बनाती हैं। इसमें 12 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें लगी होती हैं। साथ ही दो 30 मिमी की ऑटोमैटिक कैनन लगी होती हैं। इसकी गन एक मिनट में लगभग 5000 राउंड तक फायर कर सकती है। यह एक साथ करीब 20 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है। जरूरत पड़ने पर एक साथ 4 लक्ष्यों पर हमला भी कर सकता है। इसका प्रतिक्रिया समय लगभग 4 से 6 सेकंड के बीच माना जाता है।

कितनी है इसकी मारक क्षमता

पैनत्सर-S1 की मिसाइलें लगभग 20 किलोमीटर की दूरी और करीब 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक लक्ष्य को निशाना बना सकती हैं। वहीं इसकी 30 मिमी की तोप करीब 4 किलोमीटर तक के हवाई खतरों को खत्म करने में सक्षम है। इसके आधुनिक संस्करण की रेंज इससे भी अधिक बताई जाती है, जिससे यह सिस्टम आधुनिक युद्ध की परिस्थितियों में बेहद उपयोगी साबित होता है।

S-400 की सुरक्षा में निभाएगा अहम भूमिका

भारत पहले से ही रूस से खरीदे गए लंबी दूरी के एयर डिफेंस सिस्टम S‑400 Triumf को तैनात कर चुका है। यह सिस्टम दूर से आने वाले लड़ाकू विमान और बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है। हालांकि छोटे ड्रोन या कम ऊंचाई पर उड़ने वाले खतरों से निपटने के लिए अलग प्रकार की सुरक्षा की जरूरत होती है। ऐसे में Pantsir‑S1 को S-400 के लिए एक तरह का सुरक्षा कवच माना जाता है।

इस सिस्टम से मेक इन इंडिया को भी मिलेगा बढ़ावा

जानकारी के अनुसार शुरुआती कुछ यूनिट्स सीधे रूस से खरीदी जा सकती हैं, ताकि सेना को जल्द से जल्द यह क्षमता मिल सके। इसके बाद भविष्य में इस सिस्टम के कुछ हिस्सों का निर्माण भारत में भी किया जा सकता है, जिसमें निजी रक्षा कंपनियों की भागीदारी संभव है।

0 comments:

Post a Comment