मार्च के अंतिम सप्ताह में शुरू होगी खरीद
राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद मार्च के अंतिम सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार आमतौर पर क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक 25 मार्च के बाद ही बढ़ती है, इसलिए इस बार भी खरीद प्रक्रिया उसी समय से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
प्रदेशभर में खुलेंगे हजारों क्रय केंद्र
किसानों को सुविधा देने के लिए सरकार इस बार करीब 6500 क्रय केंद्र खोलने की योजना बना रही है। खाद्य एवं रसद विभाग इन केंद्रों की स्थापना की तैयारी में जुटा हुआ है। अभी तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में 1200 से अधिक क्रय केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं और बाकी केंद्र भी जल्द शुरू किए जाएंगे।
बड़े पैमाने पर हुई गेहूं की बुवाई
रबी सीजन में इस वर्ष प्रदेश में करीब 95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की गई है। कृषि विभाग के अनुमान के अनुसार इस बार लगभग 425 लाख टन गेहूं उत्पादन होने की संभावना है, जो राज्य के लिए एक अच्छा संकेत माना जा रहा है।
किसानों ने शुरू किया पंजीकरण
सरकारी खरीद के लिए किसान पहले से ही पंजीकरण करा रहे हैं। अब तक 73 हजार से अधिक किसान गेहूं बेचने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। पंजीकरण प्रक्रिया जारी है और उम्मीद है कि खरीद शुरू होने तक यह संख्या और बढ़ेगी।
मोबाइल क्रय केंद्र की भी तैयारी
सरकार किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मोबाइल क्रय केंद्र शुरू करने की भी योजना बना रही है। इससे दूर-दराज के गांवों के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
खरीद लक्ष्य पर भी हो रहा विचार
पिछले कुछ वर्षों से प्रदेश में गेहूं खरीद का लक्ष्य 60 लाख टन रखा जाता रहा है, लेकिन वास्तविक खरीद इस लक्ष्य से काफी कम रहती है। इसी वजह से इस बार लक्ष्य में बदलाव को लेकर भी विचार किया जा रहा है। सरकार की यह पहल किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और खरीद प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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