केंद्र सरकार की पहल: गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहारा

नई दिल्ली। मां और नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार एक विशेष योजना चला रही है। इस योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि गर्भावस्था के समय उन्हें पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी सुविधाएं मिल सकें।

सरकार की इस योजना का नाम प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना है। इसकी शुरुआत वर्ष 2017 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहारा देना और मां व बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।

महिलाओं को कितनी मिलती है सहायता

इस योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को कुल 5000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि किस्तों में सीधे महिला के बैंक खाते में भेजी जाती है। इससे गर्भवती महिला को बेहतर भोजन और स्वास्थ्य सेवाएं लेने में मदद मिलती है। इसके अलावा यदि दूसरी बार गर्भावस्था में बेटी का जन्म होता है तो सरकार की ओर से 6000 रुपये की सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना और माताओं को आर्थिक सहयोग देना है।

करोड़ों महिलाएं उठा चुकी हैं लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस योजना के तहत अब तक चार करोड़ से अधिक महिलाएं पंजीकरण करवा चुकी हैं। पिछले कई वर्षों में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं को इस योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता मिल चुकी है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ

इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए। यह सहायता मुख्य रूप से पहले बच्चे के जन्म के समय दी जाती है। कुछ स्थितियों में दूसरी बार बेटी के जन्म पर भी सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही लाभ लेने वाली महिला किसी सरकारी सेवा में कार्यरत नहीं होनी चाहिए और उसके परिवार की आय तय सीमा के भीतर होनी चाहिए।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य लक्ष्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना है। इसके साथ ही महिलाओं को सही पोषण, समय पर जांच और टीकाकरण के प्रति जागरूक करना भी इसका उद्देश्य है। इससे देश में कुपोषण की समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

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