पेट्रोल-डीजल को लेकर केंद्र सरकार की एडवाइजरी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही है। इसी स्थिति को देखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने एक अहम एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराकर पेट्रोल-डीजल या एलपीजी का भंडारण करने की जरूरत नहीं है।

मंत्रालय ने खास तौर पर चेतावनी दी है कि पेट्रोल और डीजल को खुले या अनुपयुक्त कंटेनरों में लेने और घरों में जमा करने से गंभीर सुरक्षा खतरे पैदा हो सकते हैं।

ढीले कंटेनरों में ईंधन लेने पर रोक

सरकार की एडवाइजरी में उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे पेट्रोल या डीजल को बोतलों, प्लास्टिक के डिब्बों या अन्य असुरक्षित कंटेनरों में न लें। ऐसा करना न केवल खतरनाक है बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ा देता है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ईंधन अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ होता है, इसलिए इसे घरों या अन्य जगहों पर स्टोर करना गंभीर हादसों को न्योता दे सकता है।

पेट्रोल पंपों को भी दिए सख्त निर्देश

ईंधन वितरण को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों को भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने कहा है कि सभी पंपों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करना होगा। अगर किसी भी पेट्रोल पंप पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इंडियन ऑयल ने भी जारी किया निर्देश

सरकारी तेल कंपनी Indian Oil Corporation ने भी अपने सभी आउटलेट्स को निर्देश दिया है कि वे बोतलों, प्लास्टिक के डिब्बों या अन्य असुरक्षित कंटेनरों में पेट्रोल न बेचें। कंपनी के अनुसार हाल के दिनों में कई जगहों पर लोग घबराहट में ईंधन जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ रही है।

अफवाहों से बचने की अपील

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य तरीके से ही पेट्रोल-डीजल खरीदें। मंत्रालय का कहना है कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है।अनावश्यक रूप से ईंधन जमा करने से न केवल सुरक्षा खतरे बढ़ते हैं बल्कि बाजार में कृत्रिम संकट की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए नागरिकों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की सलाह दी गई है।

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