बिहार में अमीनों के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार ने की घोषणा!

पटना। बिहार में विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्य से जुड़े अमीनों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि जो अमीन सर्वेक्षण कार्य में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें विभाग में होने वाली स्थायी नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। यह जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दी।

सर्वेक्षण कार्य की हुई समीक्षा

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के साथ विशेष भूमि सर्वेक्षण की प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक में सभी जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि तय समय सीमा के भीतर सर्वेक्षण का काम पूरा किया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि भूमि रिकॉर्ड को जल्द से जल्द अद्यतन किया जाए ताकि लोगों को जमीन से जुड़े मामलों में सुविधा मिल सके।

देरी की वजहों को दूर करने के निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण कार्य में जहां भी देरी हो रही है, उसकी वजहों की पहचान कर उसे तुरंत दूर किया जाए। अब इस काम की नियमित निगरानी की जाएगी। इसके लिए माइक्रो मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू की जा रही है ताकि हर स्तर पर प्रगति पर नजर रखी जा सके।

रोजाना देनी होगी काम की रिपोर्ट

सर्वेक्षण कार्य को तेज करने के लिए सभी सर्वे कर्मियों को रोजाना अपने काम की रिपोर्ट मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अमीनों को प्रतिदिन अपनी डायरी भरना भी अनिवार्य किया गया है। इससे यह पता चलता रहेगा कि किस क्षेत्र में कितना काम हुआ और आगे क्या प्रगति हो रही है।

अन्य कार्यों में नहीं लगाए जाएंगे सर्वे कर्मी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सर्वेक्षण कार्य से जुड़े कर्मचारियों को किसी अन्य प्रशासनिक कार्य में नहीं लगाया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सर्वे का काम बिना रुकावट के आगे बढ़ सके। इस संबंध में भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश भेजे जाएंगे।

कई जिलों में अच्छा रहा काम का प्रदर्शन

बैठक में बताया गया कि विशेष भूमि सर्वेक्षण के पहले चरण में 20 जिलों के 89 अंचलों के 5657 मौजों में सर्वेक्षण कार्य चल रहा है। इनमें से 1838 मौजों में अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जो कुल कार्य का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। इसके अलावा 3662 मौजों में ड्राफ्ट प्रकाशन का काम भी पूरा किया जा चुका है। फाइनल पब्लिकेशन के मामले में शेखपुरा जिला सबसे आगे बताया गया है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, सिवान, वैशाली, पटना, रोहतास और बेगूसराय जैसे जिलों में भी सर्वेक्षण कार्य की प्रगति संतोषजनक बताई गई।

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