केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: जून तक का मुफ्त राशन बांटने के निर्देश

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राशन वितरण को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के तहत जून 2026 तक मिलने वाले अनाज को पहले ही उठा लें और इसे जल्द से जल्द लाभार्थियों में बांट दें। इस फैसले का उद्देश्य सरकारी गोदामों में बढ़ते अनाज के स्टॉक को संतुलित करना और नई खरीद के लिए जगह बनाना है।

गोदामों में भरा है अनाज

सरकार के अनुसार इस समय सरकारी गोदामों में चावल और गेहूं का बड़ा भंडार मौजूद है। आने वाले हफ्तों में गेहूं की नई खरीद भी शुरू होने वाली है, जिसके लिए भंडारण की अतिरिक्त जगह की जरूरत पड़ेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यों को तीन महीने का अनाज पहले ही उठाने और वितरण करने के लिए कहा गया है।

राज्यों को भेजा गया निर्देश

खाद्य मंत्रालय ने राज्यों के खाद्य सचिवों को पत्र भेजकर कहा है कि आने वाले खरीद सीजन के दौरान लॉजिस्टिक और भंडारण से जुड़ी संभावित समस्याओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। राज्यों से कहा गया है कि जून 2026 तक आवंटित चावल और गेहूं को सेंट्रल पूल से पहले ही उठाकर लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए, ताकि वितरण प्रक्रिया सुचारु बनी रहे।

FCI को भी दिए गए निर्देश

सरकार ने इस मामले में भारतीय खाद्य निगम Food Corporation of India को भी निर्देश दिया है कि वह अपने गोदामों में अनाज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे। साथ ही राज्यों के साथ समन्वय बनाकर अनाज उठाने की प्रक्रिया को आसान और तेज किया जाए।

बफर स्टॉक से कहीं ज्यादा अनाज

अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल सरकारी भंडार में चावल और गेहूं का स्टॉक काफी अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गोदामों में कुल अनाज का भंडार तय बफर स्टॉक की जरूरत से काफी ज्यादा है। यही वजह है कि सरकार ने अग्रिम वितरण का फैसला लिया है ताकि भंडारण की समस्या न पैदा हो।

देशभर के करोड़ों लोगों को मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत देश के करीब 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त राशन मिलता है। अनाज का अग्रिम वितरण करने से दो फायदे होंगे। पहला, नई फसल की खरीद के लिए गोदामों में जगह बन जाएगी और दूसरा, सप्लाई चेन पर दबाव कम होगा।

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