खास तौर पर जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को इसका अधिक लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें बुवाई के समय बीज खरीदने का खर्च कम करना पड़ेगा और खेती की उत्पादकता भी बढ़ेगी। राज्य सरकार की इस पहल को किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि बीज की लागत खेती के खर्च का एक अहम हिस्सा होती है।
जनजातीय क्षेत्रों के किसानों को प्राथमिकता
राज्य के कृषि विभाग और जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मिलकर इस योजना को लागू कर रहे हैं। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि मक्का उत्पादन वाले क्षेत्रों में किसानों को बीज मिनिकिट मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि वे बेहतर गुणवत्ता के बीजों का इस्तेमाल कर सकें। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में खेती को मजबूत करना और किसानों की आय बढ़ाना है।
लाखों किसानों को मिला लाभ
सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में जनजातीय जिलों के किसानों को बड़ी संख्या में मक्का बीज मिनिकिट वितरित किए गए। डूंगरपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, पाली, सिरोही और बारां जैसे जिलों में किसानों को लाखों मिनिकिट बांटे गए। आंकड़ों के अनुसार जनजातीय किसानों को 8 लाख से अधिक और गैर-जनजातीय किसानों को 2 लाख से ज्यादा मक्का बीज मिनिकिट वितरित किए गए। इस तरह कुल मिलाकर 10 लाख से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिला।
अगले साल के लिए बड़ी योजना
सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए भी नई योजना तैयार की है। इसके तहत जनजातीय और सहरिया क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को मुफ्त हाइब्रिड मक्का बीज मिनिकिट उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना पर करीब 85 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है, जिससे हजारों किसानों को लाभ मिलेगा।
प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य
इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पोषण मिशन के तहत वर्ष 2026-27 में मक्का उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य के कई जिलों में प्रमाणित बीज वितरित किए जाएंगे। इसमें बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सलूम्बर, उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जैसे जिलों को शामिल किया गया है। इस योजना के तहत 500 क्विंटल प्रमाणित बीज किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराने और हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का फसल के प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है।
बाजरा उत्पादन को भी मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार मक्का के साथ-साथ बाजरा उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत किसानों को बाजरा के प्रमाणित बीज भी अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही बड़े स्तर पर खेतों में प्रदर्शन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश
जानकारों का मानना है कि बेहतर गुणवत्ता वाले बीज मिलने से किसानों की फसल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इससे न केवल खेती की लागत कम होगी बल्कि किसानों की आय में भी सुधार होने की संभावना है। राजस्थान सरकार की यह योजना कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

0 comments:
Post a Comment