रूस से मिलेगा आधुनिक वायु रक्षा सिस्टम
भारत ने Rosoboronexport के साथ एक महत्वपूर्ण करार किया है। इस समझौते के तहत भारतीय सेना को तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली मिलेगी। यह प्रणाली दुश्मन के लड़ाकू विमान, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखती है। इस सौदे से साफ है कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहता और लगातार अपनी रक्षा प्रणाली को आधुनिक बना रहा है।
भारत-रूस रक्षा संबंध होंगे और मजबूत
भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत रक्षा संबंध रहे हैं। यह नया समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेगा। बदलते वैश्विक हालात के बीच यह सहयोग भारत के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
नौसेना को भी मिला बड़ा सहारा
दूसरा बड़ा समझौता Boeing India के साथ किया गया है। इसके तहत भारतीय नौसेना के पी-8आई समुद्री निगरानी विमानों के रखरखाव का काम देश के अंदर ही किया जाएगा। इस सौदे की कीमत करीब 413 करोड़ रुपये है।
समुद्री सुरक्षा होगी और मजबूत
पी-8आई विमान भारतीय नौसेना के सबसे अहम हथियारों में से एक हैं। इनका उपयोग समुद्र में निगरानी रखने, दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। इस समझौते के बाद इन विमानों की कार्यक्षमता और बढ़ेगी, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की पकड़ मजबूत होगी।
आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
इस पूरे समझौते की खास बात यह है कि रखरखाव का काम देश में ही किया जाएगा। इससे स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा मिलेगा और भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

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