कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 8वें वेतन आयोग में उठीं 5 अहम मांगें, बढ़ेगा फायदा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें अब 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। अनुमान है कि यह आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है। ऐसे में करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनर्स सीधे तौर पर इसके दायरे में आएंगे।

आपको बता दें की इस बार कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने 5 ऐसी मांगें रखी हैं, जो लागू होने पर वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। इन मांगों का असर सिर्फ सैलरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेंशन और भत्तों पर भी पड़ेगा।

सैलरी में बड़ा उछाल संभव

सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। फिलहाल 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 है, जिसे बढ़ाकर 3.0 से 3.25 करने की मांग की गई है। अगर यह प्रस्ताव मान लिया जाता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹50,000 के आसपास पहुंच सकती है। यानी मौजूदा सैलरी के मुकाबले करीब 2 से 2.5 गुना तक वृद्धि संभव मानी जा रही है।

पेंशन व्यवस्था में बदलाव की मांग

कर्मचारी संगठन नई पेंशन प्रणाली (NPS) की जगह पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करने की मांग कर रहे हैं। OPS के तहत रिटायरमेंट के बाद अंतिम वेतन का करीब 50% निश्चित पेंशन मिलती है, जबकि NPS बाजार आधारित है। अगर OPS लागू होती है, तो 65 लाख पेंशनर्स को सीधे तौर पर अधिक सुरक्षा मिल सकती है।

सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने पर जोर

वर्तमान में कर्मचारियों को हर साल औसतन 3% की वेतन वृद्धि मिलती है। अब इसे बढ़ाकर 7% करने की मांग की जा रही है। महंगाई के मौजूदा दौर में यह कदम कर्मचारियों की वास्तविक आय (Real Income) को बनाए रखने में मदद कर सकता है।

प्रमोशन सिस्टम में सुधार की मांग 

एक और अहम मांग यह है कि कर्मचारियों को सेवा के दौरान कम से कम 4–5 बार प्रमोशन सुनिश्चित किया जाए। वर्तमान में कई कर्मचारी लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहते हैं, जिससे उनकी आय और करियर ग्रोथ प्रभावित होती है। तय समय पर प्रमोशन मिलने से वेतन में नियमित बढ़ोतरी संभव होगी।

डीए को बेसिक सैलरी में मिलाने की मांग

महंगाई भत्ता (DA) फिलहाल अलग से दिया जाता है, जो समय-समय पर बढ़ता रहता है। कर्मचारियों का कहना है कि जब DA 50% से अधिक हो जाए, तो उसे बेसिक सैलरी में शामिल कर दिया जाए। ऐसा होने पर HRA और अन्य भत्तों की गणना भी बढ़े हुए बेसिक पर होगी, जिससे कुल सैलरी में और इजाफा होगा।

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