योजना का उद्देश्य
सरकार के अनुसार, IVFRT का मुख्य मकसद इमिग्रेशन, वीजा और विदेशी रजिस्ट्रेशन से जुड़े सिस्टम को आधुनिक और एकीकृत बनाना है। इसके जरिए वैध विदेशी यात्रियों को तेज़, आसान और सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा भी मजबूत होगी।
तीन मुख्य क्षेत्र पर जोर दिया जाएगा:
नई और उभरती तकनीकों का इस्तेमाल
बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण
टेक्नोलॉजी और सेवाओं में सुधार
सुविधा और डिजिटलाइजेशन
इस योजना के तहत यात्रियों को मोबाइल आधारित सेवाएं, सेल्फ-सर्विस कियोस्क और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सुविधा मिलेगी। पिछले वर्षों में इस सिस्टम के जरिए ई-वीजा प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और कॉन्टैक्टलेस हो चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक, 91% से अधिक आवेदन 72 घंटे के भीतर मंजूर किए जा रहे हैं। इसके अलावा, एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन क्लीयरेंस का समय घटकर 2.5–3 मिनट रह गया है, जबकि फास्ट ट्रैक ई-गेट्स के जरिए इसे केवल 30 सेकंड तक किया जा सकता है।
आर्थिक और व्यावसायिक लाभ
सरकार का मानना है कि IVFRT योजना पर्यटन, व्यापार, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए बड़ा लाभ लेकर आएगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश में विदेशी निवेश और व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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