IIT वालों का दुनिया पर कब्जा! टॉप कंपनियों की कुर्सी पर भारतीयों का राज

नई दिल्ली। भारत के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान Indian Institutes of Technology (IIT) आज सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि ग्लोबल लीडरशिप की फैक्ट्री बन चुके हैं। यहां से निकलने वाले छात्र न केवल इंजीनियरिंग में माहिर होते हैं, बल्कि बड़े स्तर पर फैसले लेने और कंपनियों को नई दिशा देने की क्षमता भी रखते हैं। यही वजह है कि आज दुनिया की कई बड़ी कंपनियों की कमान भारतीय मूल के IIT ग्रेजुएट्स के हाथों में दिखाई देती है।

दुनिया में IITians का बढ़ता दबदबा

अमेरिका और अन्य देशों की बड़ी टेक और बिजनेस कंपनियों में भारतीय प्रतिभा का असर लगातार बढ़ रहा है। खास बात यह है कि इन सफल चेहरों में से कई की जड़ें IIT कैंपस से जुड़ी हैं। यहां की कठिन चयन प्रक्रिया और कड़ी ट्रेनिंग छात्रों को न सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि उन्हें हर तरह की चुनौतियों से लड़ने के लिए भी तैयार करती है।

1. Sundar Pichai(IIT खड़गपुर)

Google और Alphabet Inc. के सीईओ सुंदर पिचाई IIT खड़गपुर के छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी सादगी और दूरदर्शी सोच के दम पर गूगल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। क्रोम और एंड्रॉइड जैसे प्रोडक्ट्स को वैश्विक सफलता दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही है।

2. Arvind Krishna(IIT कानपुर)

IBM के प्रमुख अरविंद कृष्णा IIT कानपुर से पढ़े हैं। उन्होंने कंपनी को क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में मजबूत बनाया। उनके नेतृत्व में IBM ने तेजी से बदलती टेक दुनिया में खुद को फिर से स्थापित किया है।

3. Nikesh Arora(IIT (BHU)

Palo Alto Networks के सीईओ निकेश अरोड़ा IIT (BHU) से निकले हैं। अपनी आक्रामक रणनीति और तेज फैसलों के लिए मशहूर अरोड़ा ने साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में कंपनी को टॉप खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।

4. Vinod Khosla(IIT दिल्ली)

IIT दिल्ली के पूर्व छात्र विनोद खोसला Sun Microsystems के को-फाउंडर रहे हैं। बाद में उन्होंने वेंचर कैपिटल की दुनिया में कदम रखा और कई बड़े स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

5. Aravind Srinivas(IIT मद्रास)

नई पीढ़ी के उभरते चेहरे अरविंद श्रीनिवास IIT मद्रास से पढ़े हैं और Perplexity AI के संस्थापक हैं। उन्होंने AI आधारित सर्च टेक्नोलॉजी के जरिए टेक इंडस्ट्री में नई चुनौती पेश की है, जो भविष्य की दिशा को बदल सकती है।

IIT क्यों बन रहा है लीडरशिप का केंद्र?

IIT की खासियत सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है। यहां छात्रों को समस्या सुलझाने की क्षमता, दबाव में काम करने की आदत और बड़े स्तर पर सोचने की समझ दी जाती है। यही गुण उन्हें वैश्विक मंच पर अलग पहचान दिलाते हैं।

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