गठन और प्रमुख सदस्य
जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की गई थी। आयोग की अध्यक्षता पूर्व न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इसके साथ ही IIM बैंगलोर के प्रोफेसर पुलक घोष अंशकालिक सदस्य के रूप में और पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव पंकज जैन सदस्य-सचिव के रूप में नियुक्त किए गए हैं। पिछले 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं। इसी आधार पर विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं।
वर्तमान वेतन और भत्ते
केंद्रीय कर्मचारियों की वर्तमान न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, जबकि पेंशनभोगियों को न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये मिलती है। 7वें वेतन आयोग में उच्चतम वेतन 2,25,000 रुपये था, और कैबिनेट सचिव जैसे शीर्ष पदों पर यह 2,50,000 रुपये तक जाता था। इस समय महंगाई भत्ता (DA/DR) 58% है।
संभावित सैलरी हाइक
जानकारों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर 2.86 तक जाने की संभावना है। यदि यह लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से सीधे 51,480 रुपये तक बढ़ सकती है। इससे कर्मचारियों को मूल वेतन में लगभग 186% की वृद्धि मिल सकती है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर 3 रखा जाए, जिससे न्यूनतम वेतन 54,000 रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महत्व
अगर यह सैलरी वृद्धि लागू होती है, तो न केवल कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा, बल्कि पेंशनभोगियों को भी औसत 20–30% तक बढ़ी हुई पेंशन मिलने की संभावना है। इससे सरकार के कर्मचारियों के जीवन स्तर में स्पष्ट सुधार देखने को मिल सकता है।

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