उड़ान 2.0 का उद्देश्य और विस्तार
‘उड़ान 2.0’ योजना का लक्ष्य छोटे और मझौले शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। इससे नागरिकों के लिए हवाई यात्रा सुलभ और किफायती होगी। मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों (एयरस्ट्रिप) को आधुनिक एयरपोर्ट में परिवर्तित किया जाएगा। प्रत्येक एयरपोर्ट पर अनुमानित 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इसके साथ ही, योजना में 200 नए हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य भी रखा गया है, जिससे दुर्गम क्षेत्रों तक हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराई जा सके। हेलीपैड के निर्माण पर अगले आठ वर्षों में कुल 3,661 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
एयरलाइंस को वित्तीय सहायता
एयरलाइन कंपनियों को छोटे एयरपोर्ट और हेलीपैड के संचालन के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। परियोजनाओं को व्यावहारिक बनाने के लिए सरकार अगले 10 वर्षों में 10,043 करोड़ रुपये वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के रूप में उपलब्ध कराएगी।
भविष्य की योजनाएं
सरकार ने घरेलू उड्डयन क्षेत्र की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट भी आवंटित किया है। इसके जरिए देश के एयरपोर्ट और हेलीपैड नेटवर्क को और आधुनिक और सक्षम बनाया जाएगा।
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