असम: लगातार तीसरी बार सत्ता की ओर बीजेपी?
पूर्वोत्तर राज्य असम में सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है। विभिन्न सर्वेक्षणों के मुताबिक, बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए एक बार फिर स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ता दिख रहा है। 126 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए को करीब 90 या उससे अधिक सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। वोट शेयर के स्तर पर भी बीजेपी बढ़त बनाए हुए दिख रही है, जबकि कांग्रेस उसके पीछे बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में सरकार की योजनाएं और नेतृत्व का प्रभाव चुनावी समीकरण को बीजेपी के पक्ष में झुका रहा है। खासतौर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की प्रशासनिक पकड़ और जनहित योजनाएं पार्टी के लिए मजबूत आधार बन रही हैं।
असम में विपक्ष के लिए चुनौती बरकरार
असम में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में मौजूद जरूर है, लेकिन मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि वह अभी भी सत्तारूढ़ गठबंधन से काफी पीछे चल रही है। विपक्षी एकजुटता की कमी भी बीजेपी को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
पश्चिम बंगाल: मुकाबला होगा दिलचस्प
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की तस्वीर असम से बिल्कुल अलग नजर आती है। यहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला बनने के संकेत हैं। सर्वे के मुताबिक, ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी अभी भी बढ़त बनाए हुए है, लेकिन बीजेपी ने पिछले चुनावों की तुलना में अपनी स्थिति मजबूत की है। इससे साफ है कि इस बार चुनावी जंग ज्यादा कड़ी हो सकती है।
बीजेपी का बढ़ता दायरा
पश्चिम बंगाल में बीजेपी खुद को मुख्य चुनौती के रूप में स्थापित करने में सफल रही है। पार्टी भ्रष्टाचार, घुसपैठ और विकास जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठा रही है, जिससे उसे नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है। वहीं, पार्टी नेता सुवेंदु अधिकारी ने बड़ी जीत का दावा कर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
टीएमसी की मजबूत पकड़ भी कायम
हालांकि बीजेपी चुनौती दे रही है, लेकिन टीएमसी की जमीनी पकड़ अभी भी मजबूत मानी जा रही है। खासकर महिला मतदाताओं और ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी का प्रभाव बना हुआ है, जो चुनावी नतीजों में निर्णायक साबित हो सकता है।
इस सर्वे रिपोर्ट का पूरा सार क्या हैं ?
असम: बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन स्पष्ट बहुमत की ओर
पश्चिम बंगाल: टीएमसी आगे, लेकिन बीजेपी दे रही कड़ी टक्कर

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