वहीं, चांदी की कीमतें इससे भी अधिक प्रभावित हुईं और लगभग 5.88% यानी ₹14,000 की कमी के बाद इसका भाव ₹2,24,605 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
वैश्विक बाजार का असर
कॉमेक्स (Comex) पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की कीमतें कमजोर रही। स्पॉट गोल्ड में करीब 2.63% की गिरावट दर्ज हुई और यह $4,432 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। चांदी में भी गिरावट देखी गई, स्पॉट सिल्वर लगभग 4.20% टूटकर $69.59 प्रति औंस पर पहुंच गया।
जानकारों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता की वजह से सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है। डॉलर 94 के स्तर के ऊपर मजबूती के साथ बने रहने के कारण सोना महंगा हो गया, जिससे मांग प्रभावित हुई। इसके अलावा, ईरान और कच्चे तेल बाजार में भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों की धारणा पर असर डाला है।
चांदी में बीच-बीच में तेजी
हालांकि, IBJA के अनुसार, चांदी के रेट में हाल के सत्र में सुधार देखने को मिला। 25 मार्च के शाम के रेट में चांदी का मानक भाव ₹2,34,814 प्रति किलोग्राम तक बढ़ा, जो 4.57% की तेजी दर्शाता है। IBJA के वाइस प्रेसिडेंट अक्षा कंबोज के मुताबिक, "वैश्विक बाजार में सकारात्मक संकेतों और औद्योगिक मांग के चलते चांदी में स्थिरता बनी हुई है। हालांकि बीच-बीच में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन रुख सतर्क आशावादी बना हुआ है।"
बाजार की धारणा
जानकारों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर नहीं होते और डॉलर कमजोर नहीं होता, तब तक सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों को इस दौरान सतर्क रहना जरूरी है और खरीद-फरोख्त के फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए।

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