आर्थिक ग्रोथ के अगले वर्ष के अनुमान
S&P ग्लोबल ने FY28 के लिए ग्रोथ का अनुमान 7.2% और FY29 के लिए 7.0% तय किया है। ये बढ़ोतरी भारत की स्थिर आर्थिक पारी और वैश्विक निवेशकों के भरोसे को दिखाती है। भारत ने कई वैश्विक संकटों के बावजूद अपने विकास को बनाए रखा है, जबकि कई अन्य देशों की अर्थव्यवस्था दबाव में आ गई है।
RBI की नीतियां और ब्याज दर
नीति निर्माण के मोर्चे पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ग्रोथ और महंगाई के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल उम्मीद जताई जा रही है कि RBI अपने रेपो रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा और न्यूट्रल रुख अपनाएगा।
महंगाई और ऊर्जा की कीमतें
हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और ऊर्जा की आपूर्ति से जुड़े जोखिम महंगाई को बढ़ा सकते हैं। S&P ग्लोबल ने यह संकेत दिया है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति FY27 में 4.3% तक पहुंच सकती है, जो FY26 के 2.5% की तुलना में अधिक है।
मूडीज का चेतावनी संदेश
हालांकि, दूसरी ओर मूडीज एनालिटिक्स ने चेतावनी दी है कि यदि मध्य-पूर्व का संघर्ष जारी रहा, तो भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे बड़े आर्थिक झटकों में से एक का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का उत्पादन अपने अनुमानित स्तर से करीब 4% तक कम हो सकता है। मूडीज ने भारत को इस क्षेत्र की उच्च जोखिम वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में गिना है, जिसमें दक्षिण कोरिया और चीन भी शामिल हैं।

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