पांच साल की परेशानियों का अंत
मैनावती मार्ग से सिंहपुर तक सड़क के पास पिछले पांच वर्षों से सीवर लाइन डालने का काम चल रहा था। इस वजह से सड़क खतरनाक और धूलभरी हो गई थी, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही थी। पैचवर्क से कुछ राहत मिली थी, लेकिन सड़क की मूल स्थिति अब तक ठीक नहीं हो सकी थी।
सड़क की तकनीकी विशेषताएं
फोरलेन सड़क 14 मीटर चौड़ी बनाई जाएगी, जबकि जागेश्वर मंदिर के पास इसे 10 मीटर चौड़ा रखा जाएगा। सड़क के दोनों किनारों पर जल निकासी के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे बारिश के मौसम में सड़क उखड़े नहीं। इसके अलावा बीच में डिवाइडर और रोड लाइट्स का निर्माण पहले ही किया जा चुका है। सड़क के किनारे हरियाली भी की जाएगी, जिससे न केवल यातायात सुविधाजनक होगा बल्कि शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी।
पिछला निर्माण और वर्तमान योजना
सिंहपुर चौराहा के पास केडीए ने अपार्टमेंट का निर्माण कराया है। वर्ष 2014 में पूर्व उपाध्यक्ष जयश्री ने सड़क का दो लेन से फोरलेन निर्माण 16 करोड़ रुपये की लागत से करवाया था। सड़क का स्वामित्व पीडब्ल्यूडी के पास है, जबकि वर्ष 2021 में जल निगम ने सीवर लाइन डालने के लिए सड़क खोद दी थी। अब केडीए को फिर से सड़क निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है और पीडब्ल्यूडी ने आवश्यक अनुमति प्रमाणपत्र जारी कर दिया है।
केडीए के अधिशासी अभियंता अमन तिवारी ने बताया कि अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू होगा और इसे 18 माह के भीतर पूरा किया जाएगा। इसके बाद सड़क पर गड्ढों और धूल की समस्या खत्म हो जाएगी और स्थानीय लोगों को लंबे समय बाद सड़क की बेहतर सुविधा मिलेगी।

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