दुनिया में किन देशों को मिली राहत?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से गुजरने की अनुमति दी गई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पूरी दुनिया में चिंता बनी हुई थी।
ईरान का रुख साफ है की जो देश उसके खिलाफ किसी सैन्य या रणनीतिक कार्रवाई में शामिल नहीं हैं, उन्हें व्यापार और सप्लाई जारी रखने की छूट दी जाएगी। वहीं, विरोधी देशों और उनके सहयोगियों के लिए यह रास्ता अब भी बंद रखा जा सकता है।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इसके बंद या आंशिक रूप से बाधित होने का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों और आम लोगों की जेब पर पड़ता है।
संयुक्त राष्ट्र की चिंता
इस पूरे घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र भी चिंतित नजर आ रहा है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस समुद्री मार्ग को पूरी तरह खुला रखने की अपील की है। उनका मानना है कि होर्मुज में रुकावट के कारण तेल, गैस और खाद जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक महंगाई बढ़ सकती है। खासकर खेती के मौसम में यह संकट और गहरा सकता है।
नए नियम और शर्तें
ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को कुछ नियमों का पालन करना होगा। गैर-विरोधी देशों के जहाजों को भी पहले ईरानी अधिकारियों से अनुमति और समन्वय करना जरूरी होगा। इससे यह साफ है कि ईरान अब इस समुद्री मार्ग पर अपनी पकड़ और निगरानी मजबूत करना चाहता है।

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