अल्टीमेटम के बाद बढ़ी सख्ती
राज्य के डिप्टी सीएम और राजस्व मंत्री विजय सिन्हा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि निर्धारित समय तक काम पर लौटने वाले कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी जो कर्मी अनुपस्थित रहे, उनके खिलाफ अब सख्त कदम उठाने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि लंबे समय तक सामूहिक अवकाश पर रहना प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करता है और इससे आम लोगों को परेशानी होती है।
अनुपस्थित कर्मियों की सूची
रिपोर्ट के अनुसार, सर्किल ऑफिसर (CO) और राजस्व अधिकारियों की एक सूची तैयार की जा रही है। इसमें उन कर्मियों के नाम शामिल किए जा रहे हैं, जिन्होंने निर्देशों के बावजूद काम पर वापसी नहीं की। इस सूची के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिसमें निलंबन (सस्पेंशन) या अन्य अनुशासनात्मक कदम शामिल हो सकते हैं।
‘सेवा टूट’ जैसी कार्रवाई संभव
विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज की ओर से जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि निर्धारित समय के बाद भी गैरहाजिर रहने वाले कर्मियों पर ‘सेवा टूट’ की कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा वेतन में कटौती, विभागीय जांच, अनुशासनात्मक कार्रवाई जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
सरकार का कड़ा संदेश
सरकार ने यह संकेत दिया है कि नियमों के विरुद्ध जाकर की गई हड़ताल को अब सहन नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक कामकाज में बाधा डालने वाले किसी भी कदम पर सख्ती से निपटा जाएगा। 9 मार्च से चल रहे सामूहिक अवकाश को लेकर सरकार पहले ही नाराजगी जता चुकी है और अब यह मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।

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