सभी विभागों को जारी हुए निर्देश
इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश भेजे हैं। इसमें सभी जिलों के अधिकारी, शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी और अन्य जिम्मेदार पदाधिकारी शामिल हैं, ताकि इस व्यवस्था को सही तरीके से लागू किया जा सके।
सप्ताह में एक दिन अनिवार्य
नई गाइडलाइन के अनुसार, स्कूलों में सप्ताह में कम से कम एक दिन प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत गाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा राष्ट्रीय पर्व, सरकारी कार्यक्रम और विशेष आयोजनों में भी इसे शामिल करना जरूरी रहेगा।
सम्मान के नियम भी तय
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रगीत के दौरान सभी को सम्मानपूर्वक खड़ा होना होगा। इसे लेकर किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीर माना जाएगा। इस नियम के पालन की जिम्मेदारी संबंधित स्कूल या संस्थान के प्रमुखों को दी गई है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी समाचार या फिल्म के हिस्से के रूप में राष्ट्रगीत बजता है, तो उस समय दर्शकों के लिए खड़े होना अनिवार्य नहीं होगा।
क्या होगा असर?
इस फैसले से स्कूलों में अनुशासन और राष्ट्रीय भावनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। छात्र न केवल पढ़ाई में, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों को भी बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।

0 comments:
Post a Comment