ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार जिन देशों की तेल आयात पर निर्भरता ज्यादा होती है, वे भविष्य के संकट को देखते हुए पहले से तेल का भंडार जमा करते हैं। इससे वैश्विक आपूर्ति बाधित होने पर भी देश की अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था प्रभावित नहीं होती।
अमेरिका के पास सबसे बड़ा तेल भंडार
दुनिया में सबसे बड़ा रणनीतिक तेल भंडार अमेरिका के पास है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वहां सरकारी भंडार में लगभग 41.54 करोड़ बैरल कच्चा तेल सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा निजी कंपनियों के पास भी करीब 43.93 करोड़ बैरल तेल का व्यावसायिक भंडार मौजूद है। इस तरह कुल मिलाकर अमेरिका के पास बहुत बड़ा तेल स्टॉक है, जो वैश्विक संकट के समय देश की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक पूरा कर सकता है।
चीन का विशाल तेल स्टॉक
दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल चीन ने भी अपने तेल भंडार को काफी बढ़ा लिया है। विभिन्न आकलनों के अनुसार चीन के पास लगभग 1.2 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार मौजूद है। यह मात्रा इतनी है कि देश की तीन से चार महीने की मांग को पूरा किया जा सकता है। चीन का यह भंडार वैश्विक आपूर्ति में किसी भी बड़ी रुकावट के दौरान आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद करता है।
जापान के पास भी मजबूत भंडारण
ऊर्जा आयात पर काफी निर्भर जापान ने भी बड़ा तेल भंडार तैयार किया है। सरकारी भंडार में लगभग 26 करोड़ बैरल कच्चा तेल रखा गया है। पूरे देश की कुल भंडारण क्षमता करीब 47 करोड़ बैरल के आसपास है। सरकारी भंडार अकेले लगभग 146 दिनों के आयात को कवर करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा निजी कंपनियों के पास भी करीब 18 करोड़ बैरल तेल और ईंधन मौजूद है।
यूरोप के देशों का भंडार
यूरोप के कई देशों ने भी ऊर्जा संकट से निपटने के लिए आपातकालीन तेल भंडार तैयार किए हैं। जर्मनी के पास लगभग 11 करोड़ बैरल कच्चा तेल और करीब 6.7 करोड़ बैरल पेट्रोलियम उत्पाद का भंडार है। फ्रांस में लगभग 12 करोड़ बैरल तेल और पेट्रोलियम उत्पाद स्टोरेज में रखे गए हैं।
इटली के कानून के अनुसार देश को करीब 7.6 करोड़ बैरल तेल का भंडार बनाए रखना अनिवार्य है, जो लगभग 90 दिनों के आयात के बराबर है। वहीं, ब्रिटेन के पास करीब 3.8 करोड़ बैरल कच्चा तेल और लगभग 3 करोड़ बैरल पेट्रोलियम उत्पाद का स्टॉक मौजूद है।
भारत के पास कितना तेल भंडार है
तेजी से बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच भारत भी अपने रणनीतिक तेल भंडार को मजबूत कर रहा है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार देश के पास फिलहाल 25 करोड़ बैरल से अधिक कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद का भंडार मौजूद है। यह भंडार लगभग सात से आठ सप्ताह की मांग को पूरा करने में सक्षम माना जाता है। भारत में यह तेल कई स्थानों पर सुरक्षित रखा जाता है।

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