केंद्र सरकार का फैसला, किसानों के हित में बड़ा कदम, परेशानी दूर!

नई दिल्ली। देश में खरीफ बुवाई का समय नजदीक आ रहा है और ऐसे में किसानों के लिए सबसे जरूरी चीज उर्वरक यानी खाद की उपलब्धता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, ताकि आने वाले सीजन में किसानों को किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े।

वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण गैस और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, लेकिन भारत सरकार ने पहले से ही तैयारी कर ली है। सरकार का कहना है कि देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

उर्वरक संयंत्रों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता

सरकार ने प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश 2026 लागू किया है, जिसके तहत उर्वरक उद्योग को प्राथमिकता दी गई है। इस व्यवस्था के अनुसार उर्वरक कारखानों को उनकी पिछले छह महीनों की औसत खपत के आधार पर कम से कम 70 प्रतिशत प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की कमी होने के बावजूद देश के उर्वरक संयंत्र लगातार काम करते रहें और उत्पादन में किसी प्रकार की रुकावट न आए।

कंपनियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक

हाल ही में उर्वरक विभाग ने सभी प्रमुख उर्वरक कंपनियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। इस बैठक में कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्पादन, आपूर्ति और संभावित चुनौतियों पर चर्चा की। बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार ने कंपनियों को भरोसा दिलाया कि उर्वरक उत्पादन और आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

देश में उर्वरक का रिकॉर्ड भंडार

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 10 मार्च 2026 तक देश में कुल उर्वरक भंडार लगभग 180 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। सबसे अधिक उपयोग होने वाले उर्वरक यूरिया का भंडार भी बढ़ा है। इसके अलावा DAP और NPK जैसे उर्वरकों के स्टॉक में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह भंडार किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी अहम माना जा रहा है।

यूरिया आयात भी बढ़ाया गया

सरकार ने घरेलू उत्पादन के साथ-साथ आयात पर भी ध्यान दिया है। जानकारी के अनुसार फरवरी 2026 तक लगभग 98 लाख मीट्रिक टन यूरिया का आयात किया जा चुका है। इसके अलावा आने वाले महीनों के लिए अतिरिक्त यूरिया की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है। इस कदम का उद्देश्य यह है कि किसी भी स्थिति में किसानों को उर्वरक की कमी न झेलनी पड़े।

किसानों को नहीं होगी परेशानी

सरकार का कहना है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत ने पहले से पर्याप्त भंडारण कर लिया है। कम खपत वाले समय में उर्वरकों का ज्यादा स्टॉक इकट्ठा करने की रणनीति के कारण यह संभव हो पाया है। इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा और खरीफ बुवाई के दौरान उन्हें खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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