केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी: सैलरी से लेकर DA और OPS तक बड़े अपडेट

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें और सुझाव देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में कर्मचारी संगठन ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने आयोग की अध्यक्ष को कई अहम सुझाव भेजे हैं।

1 .सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की मांग

कर्मचारी संगठन का कहना है कि नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को कम से कम 3.0 किया जाना चाहिए। फिटमेंट फैक्टर वही आधार होता है जिसके जरिए कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय होती है। अगर यह मांग स्वीकार होती है तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए मिलने वाला सालाना इंक्रीमेंट भी बढ़ाने की मांग उठाई गई है। अभी कर्मचारियों को लगभग 3 प्रतिशत वार्षिक बढ़ोतरी मिलती है, लेकिन संगठन का सुझाव है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 6 प्रतिशत किया जाए, ताकि बढ़ती महंगाई के अनुसार आय में बेहतर वृद्धि हो सके।

2 .सैलरी तय करने के फार्मूले में बदलाव

कर्मचारी संगठनों ने वेतन तय करने के तरीके में भी बदलाव की जरूरत बताई है। पहले वेतन गणना में परिवार की यूनिट तीन मानी जाती थी, जिसमें पति-पत्नी और बच्चे शामिल होते थे। अब सुझाव दिया गया है कि परिवार की यूनिट में माता-पिता को भी जोड़ा जाए। ऐसा होने पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और भत्तों की गणना में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा कर्मचारियों के करियर ग्रोथ को बेहतर बनाने के लिए यह मांग भी रखी गई है कि 30 साल की सेवा के दौरान कम से कम पांच प्रमोशन के अवसर दिए जाएं।

3 .पेंशन व्यवस्था में बदलाव और OPS की मांग

पेंशन से जुड़े मुद्दे पर भी कर्मचारी संगठनों ने अहम सुझाव दिए हैं। उन्होंने मौजूदा नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की जगह पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग की है। इसके अलावा पेंशन में हर पांच साल के अंतराल पर बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि रिटायर कर्मचारियों की आय महंगाई के साथ संतुलित बनी रहे। साथ ही यह सुझाव भी दिया गया है कि जो कर्मचारी पेंशन का कुछ हिस्सा अग्रिम रूप से लेते हैं, उनके लिए पूरी पेंशन बहाल होने की अवधि को कम किया जाए।

4 .DA, छुट्टियों और मेडिकल सुविधाओं पर भी सुझाव

कर्मचारी संगठनों ने महंगाई भत्ता (DA) की गणना के मौजूदा तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि महंगाई मापने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इंडेक्स में कई जरूरी वस्तुएं शामिल नहीं हैं, इसलिए इसमें संशोधन किया जाना चाहिए। इसके अलावा रिटायरमेंट के समय मिलने वाली लीव एन्कैशमेंट की सीमा बढ़ाने, कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा, महिलाओं के लिए मेंस्ट्रुअल लीव और पितृत्व अवकाश की अवधि बढ़ाने जैसी मांगें भी सामने आई हैं।

5 .जोखिम भरे विभागों के लिए विशेष भत्ते देने का भी सुझाव

रेलवे, सुरक्षा बलों और रक्षा से जुड़े नागरिक कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त जोखिम और कठिनाई भत्ते देने की भी सिफारिश की गई है। साथ ही ड्यूटी के दौरान हादसे या मौत की स्थिति में अधिक मुआवजा देने का सुझाव भी रखा गया है। हालांकि इन सभी मांगों पर अंतिम निर्णय वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के फैसले के बाद ही होगा। लेकिन इतना साफ है कि इस बार केंद्रीय कर्मचारियों को सैलरी, पेंशन और सुविधाओं में बड़े बदलाव की उम्मीद है।

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