शिक्षा विभाग के अनुसार यह सहायता मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना और मुख्यमंत्री पोशाक योजना के माध्यम से दी गई है। सरकार ने कुल लगभग 1047 करोड़ रुपये की राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की है। यह भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से किया गया, जिससे राशि बिना किसी मध्यस्थ के सीधे लाभार्थियों तक पहुंच सकी।
कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को मिला लाभ
यह योजना मुख्य रूप से कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए लागू है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी स्कूल ड्रेस के लिए मदद मिल सके और उनकी पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बालिकाओं के लिए विशेष रूप से शुरू की गई योजना के तहत कक्षा 1 और 2 में पढ़ने वाली छात्राओं को 600 रुपये दिए जाते हैं। वहीं कक्षा 3 से 5 तक की छात्राओं को 700 रुपये और कक्षा 6 से 8 तक की छात्राओं को 1000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इससे छात्राओं की स्कूल में उपस्थिति बढ़ाने और उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जा रहा है।
छात्रों के लिए भी निर्धारित सहायता
छात्रों के लिए भी इस योजना के तहत अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार राशि निर्धारित की गई है। कक्षा 1 और 2 में पढ़ने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों को 400 रुपये दिए जाते हैं, जबकि एससी-एसटी और बीपीएल वर्ग के छात्रों को 600 रुपये मिलते हैं। कक्षा 3 से 5 में एपीएल छात्रों को 500 रुपये और एससी-एसटी तथा बीपीएल वर्ग के छात्रों को 600 रुपये प्रदान किए जाते हैं। वहीं कक्षा 6 से 8 तक के सभी वर्गों के छात्रों को 700 रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
उपस्थिति के आधार पर मिला लाभ
योजना का लाभ उन्हीं विद्यार्थियों को दिया गया है जिनकी विद्यालय में उपस्थिति 75 प्रतिशत या उससे अधिक रही है। इस नियम का उद्देश्य बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित करना है। राज्य के सरकारी, सरकारीकृत और सहायता प्राप्त विद्यालयों के साथ-साथ अल्पसंख्यक विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी इस योजना का लाभ मिला है।
शिक्षा और परिवारों को मिला सहारा
शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की है। इस पहल से न केवल छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन मिला है, बल्कि लाखों परिवारों को भी आर्थिक राहत मिली है। सरकार का मानना है कि ऐसी योजनाएं शिक्षा को बढ़ावा देने और स्कूलों में नामांकन तथा उपस्थिति बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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