फ्री राशन पर बड़ा अपडेट, केंद्र सरकार ने जारी किया नया आदेश

नई दिल्ली। भारत सरकार ने मुफ्त राशन योजना को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अप्रैल से जून तक मिलने वाला राशन राज्यों द्वारा पहले ही उठा लिया जाए और लाभार्थियों के बीच जल्द से जल्द वितरित किया जाए। इस फैसले का उद्देश्य गोदामों में जगह खाली करना और नई फसल के भंडारण की तैयारी करना है।

नई फसल के लिए बनानी होगी जगह

सरकार अगले कुछ महीनों में किसानों से बड़ी मात्रा में गेहूं खरीदने की तैयारी कर रही है। अनुमान है कि इस सीजन में 30 मिलियन टन से अधिक गेहूं की खरीद की जाएगी। नई फसल के भंडारण के लिए गोदामों में पर्याप्त जगह होना जरूरी है। इसी कारण केंद्र ने राज्यों को अग्रिम रूप से अनाज उठाने और वितरण की प्रक्रिया तेज करने को कहा है।

गोदामों में जरूरत से ज्यादा अनाज

ताजा आंकड़ों के अनुसार भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में इस समय लगभग 60 मिलियन टन से अधिक अनाज मौजूद है। इसमें बड़ी मात्रा में चावल और गेहूं शामिल है। नियमों के अनुसार 1 अप्रैल तक जितना बफर स्टॉक होना चाहिए, वर्तमान भंडार उससे काफी अधिक है। यही वजह है कि भंडारण क्षमता पर दबाव बढ़ गया है।

80 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के लगभग 80 करोड़ लोगों को हर महीने 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया जाता है। केंद्र सरकार के नए निर्देश के बाद लाभार्थियों को अगले तीन महीनों का राशन एक साथ या पहले से ज्यादा तेजी से मिल सकता है। इससे गरीब परिवारों को भी राहत मिलेगी।

भंडारण क्षमता भी बनी चुनौती

सरकारी जानकारी के अनुसार एफसीआई के पास सीमित भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसमें कुछ गोदाम निगम के अपने हैं, जबकि बड़ी क्षमता निजी क्षेत्र से किराए पर ली गई है। इसके अलावा राज्य एजेंसियों के पास भी अनाज भंडारण की सुविधा मौजूद है, लेकिन लगातार बढ़ते स्टॉक के कारण दबाव बढ़ता जा रहा है।

बढ़ती खरीद और कम खपत

सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बड़ी मात्रा में धान और गेहूं खरीदती है। हालांकि वितरण की मात्रा इससे कम होने के कारण हर साल गोदामों में अनाज का भंडार बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार खुले बाजार में बिक्री, सामाजिक योजनाओं और अन्य उपयोगों के जरिए स्टॉक कम करने का प्रयास कर रही है।

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