युद्ध के बीच इजरायल-भारत की बड़ी डिफेंस डील, AI किलर ड्रोन से बढ़ेगी ताकत

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध और बदलती सैन्य रणनीतियों के बीच भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया है। इजरायल की रोबोटिक्स कंपनी XTEND और भारत की Rayonix Tech के बीच 11 मिलियन डॉलर का महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस डील के तहत भारत में ही अत्याधुनिक AI-आधारित ड्रोन का निर्माण किया जाएगा, जो आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप होंगे।

भारत में होगा हाई-टेक ड्रोन निर्माण

इस समझौते के तहत Rayonix Tech, XTEND की एक्सक्लूसिव पार्टनर के रूप में काम करेगी। कंपनी भारत में ड्रोन के मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए आवश्यक ढांचा तैयार करेगी। यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

AI तकनीक से लैस होंगे ड्रोन

इस डील की सबसे खास बात यह है कि बनने वाले ड्रोन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संचालित होंगे। XTEND का XOS प्लेटफॉर्म इन ड्रोन का मुख्य सॉफ्टवेयर होगा, जो: स्वचालित नेविगेशन, मिशन प्लानिंग, रियल-टाइम ऑपरेशन कंट्रोल जैसी क्षमताओं को एक साथ जोड़ता है। इससे ड्रोन युद्ध के मैदान में तेजी से बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सकेंगे।

आधुनिक युद्ध में बढ़ती ड्रोन की भूमिका

पिछले कुछ वर्षों में रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे संघर्षों ने यह साफ कर दिया है कि ड्रोन अब युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं। निगरानी से लेकर सटीक हमलों तक, हर स्तर पर इनका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऐसे में भारत का इस दिशा में निवेश करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तकनीकी सहयोग और आत्मनिर्भरता पर जोर

इस समझौते में केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने पर भी फोकस है। इससे भारत को उन्नत रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में अपनी विशेषज्ञता विकसित करने में मदद मिलेगी। XTEND के CEO Aviv Shapira के अनुसार, भारत तेजी से उभरता हुआ रक्षा तकनीक बाजार है, जहां AI आधारित सिस्टम की मांग लगातार बढ़ रही है।

0 comments:

Post a Comment