शांति और संवाद पर भारत का जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नेताओं के साथ अलग-अलग हुई टेलीफोन वार्ताओं में स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष वैश्विक स्थिरता के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा ढांचे पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कदम तनाव को और बढ़ाते हैं। भारत ने एक बार फिर यह दोहराया कि क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
जॉर्डन के साथ बातचीत और सहयोग
पीएम मोदी ने अब्दुल्ला द्वितीय से बातचीत के दौरान ईद की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने जॉर्डन द्वारा क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में किए गए सहयोग की सराहना भी की। दोनों नेताओं ने शांति और स्थिरता की बहाली के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
फ्रांस के साथ रणनीतिक समन्वय
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने तनाव कम करने और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग जारी रखने की बात कही।
ओमान और खाड़ी क्षेत्र पर फोकस
ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ चर्चा में पीएम मोदी ने क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर दिया। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन को लेकर दोनों देशों ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मलेशिया और कतर के साथ संवाद
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ हुई बातचीत में भी प्रधानमंत्री मोदी ने शांति, स्थिरता और सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन देशों के प्रयासों की सराहना की।

0 comments:
Post a Comment