वेजीफेड क्या है?
Vegifed को राज्य में सब्जियों की खरीद, भंडारण और बिक्री के लिए विकसित किया जा रहा है। यह मॉडल COMFED (सुधा डेयरी) की तर्ज पर तैयार किया गया है, जो पहले से ही दुग्ध क्षेत्र में सफल माना जाता है। इसी तरह अब सब्जी उत्पादन और विपणन को संगठित करने की कोशिश की जा रही है।
तरकारी आउटलेट से सीधी बिक्री
इस योजना के तहत प्रखंड स्तर पर तरकारी नाम से रिटेल आउटलेट खोले जाएंगे। यहां किसानों की सब्जियां सीधे उपभोक्ताओं को बेची जाएंगी। इससे न केवल किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी, बल्कि आम लोगों को भी ताजा और उचित दाम पर सब्जियां मिल सकेंगी। फिलहाल इस योजना की शुरुआत ओल, मिर्च और प्याज जैसी फसलों से की जा रही है। आगे चलकर अन्य सब्जियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
राज्यभर में यूनियन का गठन
वेजीफेड को सुचारु रूप से चलाने के लिए पूरे राज्य में 9 यूनियन बनाए गए हैं। अलग-अलग जिलों को इन यूनियनों में शामिल किया गया है ताकि क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर प्रबंधन हो सके। उदाहरण के तौर पर मिथिला क्षेत्र के कई जिलों को एक यूनियन के अंतर्गत जोड़ा गया है, जिससे वहां के किसानों को संगठित तरीके से लाभ मिल सके।
आधारभूत ढांचा हो रहा तैयार
योजना को सफल बनाने के लिए तीन स्तरों पर व्यवस्था विकसित की जा रही है: प्रखंड स्तर पर कलेक्शन सेंटर, प्याज के लिए विशेष भंडारण व्यवस्था, खुदरा बिक्री के लिए छोटे आउटलेट, कई स्थानों पर कलेक्शन सेंटर तैयार हो चुके हैं, जबकि अन्य जगहों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
छोटे और मध्यम किसानों को होगा फायदा
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ छोटे और मध्यम किसानों को मिलने की उम्मीद है। किसानों को समिति के माध्यम से बीज भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें उन्हें केवल 25% राशि अग्रिम देनी होगी। बाकी भुगतान फसल तैयार होने के बाद करना होगा और उस पर कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा।
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