तनाव कम करने के लिए खास पहल
राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने एक आदेश जारी कर बताया है कि अब अधिकारी और कर्मचारी ध्यान (विपश्यना) शिविर में शामिल होने के लिए विशेष छुट्टी ले सकेंगे। सरकार का मानना है कि मानसिक शांति से काम करने की क्षमता भी बेहतर होती है।
12 दिन तक की छुट्टी का प्रावधान
इस नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी 10 दिन के आवासीय विपश्यना शिविर में भाग लेने के लिए अधिकतम 12 दिनों का अवकाश ले सकते हैं। इसमें आने-जाने का समय भी शामिल रहेगा, ताकि उन्हें किसी तरह की जल्दीबाजी न करनी पड़े।
साल में कई बार मिल सकता है मौका
दिलचस्प बात यह है कि इस सुविधा का लाभ कर्मचारी एक बार नहीं, बल्कि साल में कई बार ले सकते हैं। हालांकि हर बार छुट्टी की सीमा 12 दिन ही तय की गई है।
छुट्टी के दौरान सैलरी भी जारी रहेगी
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यही है कि छुट्टी लेने पर भी कर्मचारियों की सैलरी नहीं कटेगी। इस पूरे समय को ड्यूटी माना जाएगा। यानी कर्मचारी बिना किसी आर्थिक चिंता के ध्यान शिविर में शामिल हो सकते हैं।
इसका लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी
इस सुविधा का फायदा लेने के लिए कर्मचारी को आवेदन के साथ विपश्यना केंद्र का एडमिशन प्रूफ देना होगा। शिविर खत्म होने के बाद वहां से मिला प्रमाण पत्र भी जमा करना जरूरी होगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे कर्मचारियों का तनाव कम होगा, उनका फोकस बढ़ेगा और वे अपने काम को ज्यादा बेहतर तरीके से कर पाएंगे।

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