सांसद ने उठाया था मुद्दा
सांसद अरुण गोविल ने हाल ही में संसद सत्र के दौरान इस परियोजना का मामला उठाया था और केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि इसके निर्माण में तेजी लाई जाए। रेलमंत्री ने लिखित जवाब में कहा कि सर्वे पूरा हो चुका है और डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना के लिए मंजूरी मिलने की संभावना है।
परियोजना का विस्तार और महत्व
यह नई रेल लाइन लगभग 64 किलोमीटर लंबी होगी और यह हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के शहर को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। इसके चलते स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अन्य परियोजनाओं पर कोई असर नहीं
रेलमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह नई रेल लाइन दिल्ली-मेरठ नामा भारत आरआरटीएस कॉरिडोर या मेरठ मेट्रो कॉरिडोर के संचालन को प्रभावित नहीं करेगी। दोनों परियोजनाएं स्वतंत्र रूप से संचालित होंगी और नई रेल लाइन का उनका एलाइनमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इस नई रेल लाइन का निर्माण कब शुरू होगा?
रेलमंत्री ने कहा कि परियोजनाओं की मंजूरी एक निरंतर और गतिशील प्रक्रिया है, इसलिए फिलहाल निर्माण की कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की गई है। हालांकि, सर्वे और डीपीआर तैयार होने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि निर्माण जल्द ही शुरू होगा।
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