अहम बैठकें और दौरे
13 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय कर्मचारी संगठनों (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली हैं। इस बैठक में वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़े साझा मेमोरेंडम को अंतिम रूप देने पर चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा, 24 अप्रैल 2026 को 8वें वेतन आयोग का पहला आधिकारिक क्षेत्रीय दौरा देहरादून, उत्तराखंड में होने जा रहा है। इस दौरे में आयोग कर्मचारी यूनियनों से सीधे संवाद करेगा और उनकी समस्याओं और सुझावों को समझेगा।
सैलरी और फिटमेंट फैक्टर
कर्मचारी संगठन 3.0 से 3.25 के बीच फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। यदि यह लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹45,000-₹58,500 हो सकती है। इसके अलावा, औसतन कर्मचारियों की सैलरी में 30% से 34% तक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है।
पेंशन योजना पर चर्चा
कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः बहाल करने के लिए भी दबाव बना रहे हैं। वे नई पेंशन योजना (NPS) और एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के बजाय OPS को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं। यह विषय आयोग की अगली सिफारिशों में अहम भूमिका निभा सकता है।
लागू होने की संभावना और एरियर
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आधिकारिक रूप से 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा रही हैं। हालांकि, रिपोर्ट तैयार होने और मंजूरी मिलने में समय लगेगा। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया है, यानी यह मई 2027 तक पूरी हो सकती है। कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से बढ़ा हुआ वेतन एरियर के रूप में मिलने की उम्मीद है।

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