बिहार में इन कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रोक, जानें क्यों

पटना। बिहार सरकार ने अपने कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग पर रोक लगा दी है। यह रोक अगले एक साल तक लागू रहेगी और 31 मार्च 2027 तक इन अधिकारियों का तबादला नहीं किया जा सकेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देशभर में चल रही जनगणना के कार्य को बिना बाधा के पूरा करना है।

रोक का कारण

केंद्र सरकार के निर्देश के बाद यह निर्णय लिया गया है। दरअसल, इस समय देश में जनगणना का काम चल रहा है, और इसमें लगे कर्मचारियों का स्थिर रहना आवश्यक है ताकि कार्य सुचारू रूप से हो सके। केंद्रीय गृह सचिव की ओर से राज्यों को भेजे गए पत्र के अनुसार, बिहार में नोडल विभाग के रूप में राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

रोक का दायरा

यह नियम बिहार के सभी विभागों में लागू होगा, जिनमें कर्मचारी और अधिकारी जनगणना कार्य में सक्रिय हैं। इसका मतलब है कि इन कर्मियों को अगले एक साल तक किसी भी कारण से ट्रांसफर या पोस्टिंग नहीं किया जाएगा।

बिहार में जनगणना की प्रक्रिया

स्वगणना: बिहार में स्वगणना 17 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 1 मई 2026 तक चलेगी। इसमें लोग ऑनलाइन माध्यम से अपने और अपने परिवार के विवरण दर्ज कर सकते हैं।

मकानों का सूचीकरण: 2 मई से 31 मई 2026 तक मकानों का सूचीकरण होगा। इसमें घर-घर जाकर बुनियादी ढांचा और जानकारी एकत्रित की जाएगी।

सर्वेक्षण: 9 फरवरी से 27 फरवरी 2027 के बीच प्रगणक घर-घर जाकर विस्तृत सर्वे करेंगे। इस दौरान परिवार के हर सदस्य और उनके विवरण की जांच की जाएगी।

इस बार की जनगणना की खास बातें

यह जनगणना डिजिटल मोड में पूरी तरह पेपरलेस होगी।

पहली बार जातियों की गणना भी शामिल होगी।

बिहार में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जिलास्तरीय समन्वय समितियों का गठन किया गया है।

जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

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