यूरिया उत्पादन में बढ़ोतरी, किसानों को राहत
पिछले कुछ हफ्तों में गैस आपूर्ति में गिरावट आई थी। संकट के शुरुआती दिनों में गैस आपूर्ति केवल 60 प्रतिशत थी, जिसे बाद में 75-80 प्रतिशत तक बढ़ाया गया। अब स्पाट मार्केट से अतिरिक्त एलएनजी खरीदकर यह सुनिश्चित किया गया है कि खरीफ सीजन से पहले यूरिया की उपलब्धता पूरी हो और किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके।
वैकल्पिक स्रोतों से गैस आपूर्ति हो रही
सरकार ने अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस से एलएनजी आयात तेज कर दिया है। कुछ टैंकर भारत के बंदरगाहों पर पहुंच चुके हैं। कतर से आने वाली आपूर्ति प्रभावित होने के कारण वैकल्पिक स्रोतों पर भरोसा बढ़ाया गया है। अतिरिक्त गैस से औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को भी 10 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा दिया गया है।
घरेलू एलपीजी और सीएनजी की स्थिति
सरकार ने आश्वस्त किया है कि घरेलू पीएनजी और परिवहन के लिए सीएनजी की आपूर्ति 100 प्रतिशत हो रही है। एलपीजी सिलिंडरों की डिलीवरी भी सामान्य है। मार्च 2026 से अब तक 18 करोड़ से अधिक घरेलू सिलिंडर वितरित किए जा चुके हैं। वाणिज्यिक क्षेत्रों के लिए एलपीजी आपूर्ति लगभग 70 प्रतिशत स्तर पर है।
एलपीजी जहाज भारत पहुंच रहे हैं
शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट पार करके आ रहे एलपीजी जहाज ‘ग्रीन सान्वी’ सात अप्रैल और ‘ग्रीन आशा’ नौ अप्रैल को भारत पहुंचेंगे। इनमें क्रमशः 46,650 टन और 15,500 टन एलपीजी लदी है।
अफवाहों से दूर रहें
सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें। मुकेश मंगल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट ट्रांजिट शुल्क को लेकर कोई बातचीत नहीं हो रही है।
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