विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2026 लागू किया जाएगा। इसके तहत संस्था को संचालन का अधिकार पत्र दिया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालय आधिकारिक रूप से काम शुरू कर सकेगा।
कैबिनेट से मिली मंजूरी
बता दें की कैबिनेट बैठक में इस परियोजना को स्वीकृति दी गई। इसके तहत एक निजी संस्था द्वारा विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में उच्च शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा।
निजी क्षेत्र की भागीदारी
इस विश्वविद्यालय की स्थापना में सनहिल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। संस्था ने ग्रेटर नोएडा में मिली जमीन पर विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव दिया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इससे यह भी स्पष्ट है कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित कर रही है।
आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा पर जोर
मेट्रो यूनिवर्सिटी का मुख्य उद्देश्य छात्रों को ऐसी शिक्षा प्रदान करना है, जो सीधे रोजगार से जुड़ी हो। यहां नए जमाने के कोर्स, तकनीकी शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर करियर के अवसर भी मिलेंगे।

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