गठबंधनों के बीच सीधी टक्कर
सर्वे के अनुसार, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) और उसके सहयोगियों को इस बार नुकसान हो सकता है। वहीं अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गठबंधन बढ़त बनाता नजर आ रहा है।
आपको बता दें की वोट प्रतिशत के अनुमान में एआईएडीएमके गठबंधन को लगभग 41.4% और डीएमके गठबंधन को 39.3% समर्थन मिल सकता है। यह अंतर कम जरूर है, लेकिन परिणाम पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
सीटों का अनुमान क्या कहता है
जनमत सर्वे के मुताबिक, एआईएडीएमके गठबंधन को 130 से 140 सीटें मिल सकती हैं, जो स्पष्ट बहुमत का संकेत है। दूसरी ओर, डीएमके गठबंधन 90 से 100 सीटों तक सीमित रह सकता है। यदि ऐसा होता है तो राज्य में सरकार बदलना तय माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पद की पसंद में कांटे की टक्कर
मुख्यमंत्री के रूप में लोगों की पसंद भी बेहद दिलचस्प है।
एम. के. स्टालिन: 39.0%
एडप्पाडी के. पलानीस्वामी: 38.7%
दोनों नेताओं के बीच बहुत ही कम अंतर है, जिससे मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है। वहीं अभिनेता विजय भी 14.3% समर्थन के साथ तीसरे विकल्प के रूप में उभर रहे हैं।
क्या फिर बदलेगी सत्ता?
तमिलनाडु की राजनीति में अक्सर एक कार्यकाल के बाद सरकार बदलने का रुझान रहा है। इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों का मानना है कि यह परंपरा जारी रह सकती है, हालांकि कुछ लोगों को उम्मीद है कि मौजूदा सरकार वापसी कर सकती है।

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