केंद्र ने किया LPG सप्लाई को पुख्ता, मजदूरों की टेंशन हुई खत्म

नई दिल्ली। ईरान में जारी तनाव के कारण पूरे विश्व में ईंधन की कीमतें और सप्लाई प्रभावित हो रही हैं, लेकिन भारत में स्थिति नियंत्रित बनी हुई है। पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर्याप्त है और एलपीजी की सप्लाई भी सामान्य स्तर पर है। हालांकि, अफवाहें, कालाबाजारी और पैनिक खरीदारी के चलते कुछ राज्यों में स्थानीय स्तर पर 5 किलो वाले सिलेंडरों की कमी महसूस हो रही थी।

प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ा इंतजाम

सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए माइग्रेंट मजदूरों के लिए 5 किलो वाले फ्री ट्रेड (FTL) एलपीजी सिलेंडर का अलॉटमेंट दोगुना कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 6 अप्रैल को यह घोषणा की कि 2-3 मार्च के दौरान औसत रोजाना सप्लाई के आधार पर प्रवासी मजदूरों को दिए जाने वाले सिलेंडरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अब राज्यों की फूड और सिविल सप्लाई विभाग की मदद से पब्लिक ऑयल मार्केटिंग कंपनियां केवल अपने राज्य के मजदूरों को यह सिलेंडर उपलब्ध कराएंगी।

सरकारी ऑर्डर और प्रायोरिटी

सरकारी आदेश के अनुसार, माइग्रेंट मजदूरों के लिए 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडरों की रोजाना की सप्लाई अब 2-3 मार्च के औसत के आधार पर दोगुनी कर दी गई है। पहले की तुलना में यह एलोकेशन 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसके बाद रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग/डेयरी, और कम्युनिटी किचन के लिए भी प्रायोरिटी जारी की गई है।

ईरान जंग का असर और सरकार की तैयारी

ईरान में हालिया घटनाओं के कारण होर्मुज में भारत के कई गैस टैंकर फंसे हैं, जिससे LPG सप्लाई पर दबाव बना। हालांकि, केंद्रीय सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर टारगेटेड डिस्ट्रीब्यूशन मैकेनिज्म को लागू किया है। 23 मार्च से अब तक लगभग 6.75 लाख 5 किलो वाले FTL सिलेंडर बेचे जा चुके हैं और सप्लाई लगातार स्थिर बनी हुई है।

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