हाल ही में दीपक प्रकाश ने पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर दौरे के दौरान बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर ही होंगे। यानी फिलहाल सीमाओं में किसी बदलाव की योजना नहीं है।
कब होंगे पंचायत चुनाव?
मंत्री के मुताबिक, पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही चुनाव कराए जाएंगे। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि यह चुनाव 2026 के अंत तक आयोजित किए जा सकते हैं। इससे यह भी साफ हो गया है कि चुनाव समय से आगे नहीं टाले जाएंगे।
परिसीमन पर लगी रोक जैसी स्थिति
अब तक सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या नए परिसीमन के बाद चुनाव होंगे या पुराने ढांचे पर। लेकिन सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है की इस बार चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर ही कराए जाएंगे। इससे प्रशासनिक तैयारियां भी आसान हो जाएंगी और प्रक्रिया में देरी नहीं होगी।
मंत्री के इस बात का क्या है इसका मतलब?
सरकार के इस फैसले से साफ हो गया है कि पंचायत चुनाव को लेकर अब ज्यादा अनिश्चितता नहीं रहेगी। तय समय पर चुनाव होने से न सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था भी मजबूत बनेगी।

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