केंद्र सरकार का फैसला: 5 किलो गैस सिलेंडर का नया नियम लागू

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ती वैश्विक गैस कीमतों के बीच, केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों को राहत देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाकर पहले से दोगुना कर दी गई है। इसका उद्देश्य शहरों में काम करने वाले लाखों मजदूरों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए किसी तरह की परेशानी से बचाना है।

नियम में क्या बदलाव हुआ?

पेट्रोलियम मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, राज्यों को अब अतिरिक्त 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर मिलेंगे। पहले तय सीमा से अधिक सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहे।

किसे मिलेगा फायदा?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये सिलेंडर केवल प्रवासी मजदूरों के लिए होंगे। राज्यों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग इन सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित करेंगे। इसमें सरकारी तेल कंपनियां भी सहयोग करेंगी, जिससे सिलेंडर समय पर जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

पिछली तैयारियां

इससे पहले सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के कई कदम उठाए थे। मार्च में इसे 50% तक बढ़ाया गया था और बाद में टेक्सटाइल व केमिकल उद्योगों के लिए 70% तक कर दिया गया। प्राथमिकता हमेशा रेस्टोरेंट, होटल, औद्योगिक कैंटीन और सामुदायिक रसोई को दी गई।

स्थिति और भविष्य

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च के अंत तक करीब 6.75 लाख 5 किलो के सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। मंत्रालय का कहना है कि प्रवासी मजदूरों के लिए गैस की सप्लाई फिलहाल नियंत्रित है और किसी बड़ी कमी की स्थिति नहीं है। केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय जरूरतों के अनुसार सिलेंडरों का निष्पक्ष वितरण करें।

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