यूपी सरकार का आदेश, सभी कर्मचारियों के लिए नया फरमान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) को अब पूरी तरह ऑनलाइन भरने का आदेश जारी किया है। यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और समयबद्ध मूल्यांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

आदेश की मुख्य बातें

1 .सभी समूहों के कर्मचारियों (क, ख, ग, घ) की वार्षिक प्रविष्टियां मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन भरना अनिवार्य होगा।

2 .वर्कफ्लो जनरेट करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की गई है।

3 .समूह क, ख और ग के अधिकारी 31 मई 2026 तक स्वयं-मूल्यांकन करेंगे।

4 .समूह घ के कर्मचारियों की प्रविष्टि नियंत्रक अधिकारी द्वारा पूरी की जाएगी।

समीक्षा और स्वीकृति प्रक्रिया

प्रतिवेदक को 31 जुलाई तक, समीक्षक को 30 सितंबर तक और स्वीकर्ता प्राधिकारी को 31 दिसंबर तक अपनी टिप्पणी दर्ज करनी होगी। वार्षिक प्रविष्टियों का डिस्क्लोजर 31 दिसंबर तक रहेगा। जबकि प्रतिकूल प्रविष्टियों के विरुद्ध प्रत्यावेदन की अंतिम तिथि 15 फरवरी, और निस्तारण की अंतिम तिथि 31 मार्च तय की गई है।

सभी दस्तावेजों और हस्ताक्षर के लिए ई-साइन और मोबाइल ओटीपी आधारित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी न होने पर वार्षिक प्रविष्टियां स्वतः अगले स्तर पर ऑटो-फॉरवर्ड हो जाएंगी, जबकि समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रक्रिया स्वतः बंद मानी जाएगी। पीसीएस अधिकारियों की वार्षिक प्रविष्टि स्पैरो पोर्टल के माध्यम से ही भरी जाएगी।

आदेश का महत्व

इस आदेश से सभी कर्मचारियों के एसीआर भरने की प्रक्रिया केंद्रीकृत और पारदर्शी हो जाएगी। पहले यह केवल समूह क और ख के कर्मचारियों के लिए अनिवार्य था, लेकिन अब समूह ग और घ के कर्मचारियों के लिए भी इसे लागू कर दिया गया है। सरकार का यह कदम कर्मचारियों के मूल्यांकन में समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ एसीआर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद करेगा।

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