यूपी में "किसानों" के लिए 2 बड़ी खुशखबरी, नई गाइडलाइन जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गेहूं किसानों के लिए सरकार ने बड़ी राहत भरी घोषणाएं की हैं। बेमौसम बारिश से फसल को हुए नुकसान के बीच अब किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ लेने में आसानी होगी। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के बाद राज्य में गेहूं खरीद के नियमों में अहम बदलाव किए गए हैं।

खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की भी होगी खरीद

इस बार मौसम की मार से गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। दानों की चमक कम होने और टूटन बढ़ने के कारण किसान अपनी फसल क्रय केंद्रों पर बेच नहीं पा रहे थे। अब सरकार ने राहत देते हुए 70 प्रतिशत तक कम चमक वाले गेहूं को भी एमएसपी पर खरीदने की अनुमति दे दी है।

इसके अलावा टूटे और सिकुड़े दानों की सीमा को बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है, जो अब तक गुणवत्ता मानकों के कारण अपनी उपज बेचने से वंचित थे।

खरीद प्रक्रिया में आएगी तेजी

राज्य में रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत गेहूं खरीद पहले से जारी है, लेकिन धीमी रफ्तार के चलते किसानों को परेशानी हो रही थी। नई छूट के बाद अब खरीद प्रक्रिया तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

सत्यापन प्रक्रिया भी हुई आसान

सरकार ने किसानों को एक और बड़ी राहत देते हुए सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब यदि भूमि का सत्यापन राजस्व या चकबंदी विभाग द्वारा समय पर नहीं हो पाता, तब भी किसान क्रय केंद्रों पर अपनी फसल बेच सकेंगे। क्रय केंद्र प्रभारी किसान द्वारा दिए गए दस्तावेज जैसे खतौनी, खसरा और आधार कार्ड के आधार पर खरीद सुनिश्चित करेंगे। इससे किसानों को लंबी प्रक्रिया और देरी से राहत मिलेगी।

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