1. औद्योगिक सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए त्वरित मंजूरी प्रक्रिया
CNG और CBG स्टेशनों के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को तेज किया गया है। सरकार के अनुसार अब तक 467 आवेदनों में से 157 को अंतिम मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि 38 नए डिस्पेंसिंग यूनिट्स को अनुमति मिली है। आवेदन निपटाने की प्रक्रिया को घटाकर 10 दिन से भी कम कर दिया गया है।
2. केरोसिन भंडारण नियमों में अस्थायी ढील
सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केरोसिन भंडारण नियमों में राहत दी गई है। अब 2,500 लीटर तक सामान्य भंडारण और PDS केरोसिन के लिए 5,000 लीटर तक स्टोरेज की अनुमति दी गई है।
3. उद्योगों को राहत, बॉयलर और क्वालिटी नियमों में छूट
सरकार ने बॉयलर अधिनियम के तहत उच्च क्षमता वाले बॉयलरों के सर्टिफिकेट को तीन महीने का अस्थायी विस्तार दिया है। इसके साथ ही इंडक्शन कुकटॉप्स के लिए क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) की समयसीमा भी बढ़ा दी गई है।
4. कस्टम ड्यूटी में कटौती, कई सेक्टरों को फायदा
लेदर, फुटवियर और पेंट उद्योगों में उपयोग होने वाले कच्चे माल जैसे EVA और पॉलिमर पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को शून्य कर दिया गया है। टायर उद्योग के लिए जरूरी केमिकल्स पर भी शुल्क में कमी की गई है। वहीं ग्लास और सिरेमिक सेक्टर के लिए गैस आपूर्ति को स्थिर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
5. ऊर्जा आपूर्ति मजबूत, LPG और PNG में विस्तार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में LPG सप्लाई सामान्य बनी हुई है और किसी तरह की कमी नहीं है। एक ही दिन में रिकॉर्ड 45 लाख LPG सिलेंडर बुक किए गए। वहीं मार्च 2026 से अब तक 5.10 लाख नए PNG कनेक्शन शुरू किए गए हैं, जबकि कुल 7.66 लाख कनेक्शनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है। इसके अलावा, कच्चा तेल लेकर एक बड़ा टैंकर मुंबई पहुंचने वाला है, जिससे तेल आपूर्ति को और मजबूती मिलेगी।
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