फिटमेंट फैक्टर पर टिकी पूरी गणना
वेतन आयोग में सबसे अहम भूमिका फिटमेंट फैक्टर की होती है, जिसके आधार पर नई बेसिक सैलरी तय होती है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत यह 2.57 है। कर्मचारियों के संगठन ने इसे बढ़ाकर 3.833 करने की मांग की है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो न्यूनतम बेसिक वेतन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। उदाहरण के तौर पर 18,000 रुपये की मौजूदा बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 69,000 रुपये तक पहुंच सकती है।
एरियर कैसे बन सकता है?
एरियर की गणना इस बात पर निर्भर करेगी कि नया वेतनमान कब से लागू माना जाता है। यदि आयोग की सिफारिशें बाद में लागू होती हैं लेकिन प्रभाव 1 जनवरी 2026 से दिया जाता है, तो बीच की अवधि का एरियर कर्मचारियों को मिलेगा। मान लें कि यह व्यवस्था 2027 के दौरान लागू होती है, तो लगभग 20 महीने का एरियर बन सकता है।
विभिन्न वेतन स्तरों पर एरियर
संभावित आंकड़ों के अनुसार, अलग-अलग वेतन स्तर के कर्मचारियों को एरियर इस प्रकार मिल सकता है, लेवल 1 को लगभग 10 लाख रुपये से अधिक, लेवल 2 को करीब 11 लाख रुपये, लेवल 3 को लगभग 12 लाख रुपये, लेवल 4 को 14 लाख रुपये से अधिक, लेवल 5 को 16 लाख रुपये तक। यह अनुमान संभावित वेतन वृद्धि और समय अवधि के आधार पर लगाया गया है।
कब आ सकती है सिफारिशें?
सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया है और इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में आयोग 2027 के मध्य तक अपनी सिफारिशें प्रस्तुत कर सकता है। इसके बाद अंतिम मंजूरी और लागू होने में कुछ और समय लग सकता है।
अभी अंतिम फैसला बाकी
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल ये सभी आंकड़े और अनुमान प्रस्तावों पर आधारित हैं। सरकार ने अभी तक न तो फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी दी है और न ही वेतन लागू होने की तारीख तय की है।

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