धार्मिक और पर्यटन विकास को बड़ा बढ़ावा
सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 680 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुंगेर के तारापुर क्षेत्र में पर्यटन और धार्मिक सुविधाओं के लिए 15 एकड़ कृषि भूमि पर्यटन विभाग को दी जाएगी।
महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में बड़ा सुधार
1500 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी दी जाएगी, 3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल मिलेगी। इससे पुलिस की पहुंच, गश्त और महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा, तकनीक और रिसर्च में बड़ा निवेश
IIT पटना रिसर्च पार्क के लिए 305 करोड़ रुपये मंजूर, इन्क्यूबेशन सेंटर फेज-2 के लिए 39.01 करोड़ रुपये स्वीकृत, प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत 75 ITI संस्थानों को आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा।
शहरी विकास और नई टाउनशिप योजना
राज्य में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी, इन क्षेत्रों में फिलहाल जमीन खरीद-बिक्री और निर्माण पर नियंत्रण रहेगा।
हवाई अड्डा और फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर
दरभंगा एयरपोर्ट के स्थायी सिविल एन्क्लेव के लिए 1.35 एकड़ जमीन, सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में नए एयरपोर्ट के लिए DPR तैयार होगा (5.06 करोड़ रुपये), राष्ट्रीय फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और लैब के लिए पुनपुन (पटना) में 50 एकड़ जमीन अधिग्रहण (287.17 करोड़ रुपये)
कानूनी, शिक्षा और संस्थागत विकास
चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी के लिए 7 एकड़ जमीन मुफ्त, NIFT बेगूसराय के लिए 20 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को दी जाएगी, नए सरकारी बीज उत्पादन केंद्रों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी
इंफ्रास्ट्रक्चर और आपदा प्रबंधन
राजीव नगर (पटना) में ERSS और पुलिस डाटा सेंटर भवन के लिए 172.80 करोड़ रुपये, आग बुझाने के लिए 62 मीटर ऊंची हाइड्रोलिक एरियल लैडर मशीन खरीदी जाएगी (18 करोड़ रुपये), सड़क दुर्घटनाओं को अब राज्य आपदा घोषित किया गया, पीड़ितों और मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता मिलेगी।
सिंचाई और जल प्रबंधन
बाणसागर समझौते के तहत बिहार को 5.75 MAF पानी, झारखंड को 2 MAF पानी मिलेगा, कैमूर गंगाजल सिंचाई योजना के लिए यूपी में 5.86 हेक्टेयर भूमि खरीदी जाएगी।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
नई निबंधन नियमावली 2026 लागू होगी, 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को रजिस्ट्री में विशेष सुविधा मिलेगी, शहरों में मौजूद बीज केंद्रों की जमीन अन्य विकास कार्यों के लिए उपयोग होगी। सड़क, निर्माण और परियोजनाओं के लिए 873.60 एकड़ गैर-वन भूमि पर्यावरण विभाग को दी जाएगी।
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