NASA का धमाका: चांद पर जा रहे 4 अंतरिक्ष यात्री, आर्टेमिस-2 मिशन लॉन्च

न्यूज डेस्क। लगभग पांच दशकों के लंबे इंतजार के बाद इंसान फिर चंद्रमा की ओर बढ़ने लगा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अपने महत्वाकांक्षी Artemis-2 मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की कक्षा में रवाना किया। ये अंतरिक्ष यात्री करीब 10 दिनों की यात्रा में चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगे और फिर पृथ्वी पर लौटेंगे।

मिशन में कौन हैं शामिल?

मिशन में रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसन शामिल हैं। ये चारों अंतरिक्ष यात्री करीब 10 दिनों की यात्रा पर चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगे और फिर सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौटेंगे। हालांकि यह मिशन चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग नहीं करेगा, लेकिन यह भविष्य के मानवयुक्त चंद्र अभियानों की दिशा में अहम साबित होगा।

तकनीकी परीक्षण और महत्व

आर्टेमिस-2 के दौरान Orion spacecraft के लाइफ सपोर्ट सिस्टम और अन्य तकनीकों का परीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इंसानों के लिए अंतरिक्ष यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सक्षम हो। अपोलो युग के बाद यह पहली बार है जब अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर जाकर चंद्रमा की ओर जाएंगे। मिशन के दौरान चालक दल चंद्रमा के दूसरी तरफ पहुंचकर पृथ्वी से लगभग 4,50,000 किलोमीटर दूर तक जाएगा, जो मानव इतिहास में अब तक की सबसे अधिक दूरी है।

यह एक टेस्ट फ्लाइट है

आपको बता दें की इस मिशन का लक्ष्य लैंडिंग नहीं है, बल्कि यह टेस्ट फ्लाइट है। NASA इस माध्यम से यह साबित करना चाहता है कि उनके नए रॉकेट और अंतरिक्षयान भविष्य में चंद्रमा और मंगल ग्रह पर मानव मिशनों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

भविष्य की क्या है योजना?

अंतिम बार मानव ने चंद्रमा पर Apollo 17 मिशन (दिसंबर 1972) में रखा था। इसके बाद अंतरिक्ष एजेंसी ने अपने प्रयास पृथ्वी के पास अंतरिक्ष यानों और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सीमित कर दिए। आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत NASA का लक्ष्य है कि 2028 तक अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर उतारा जाए।

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