टेंडर प्रक्रिया में तेजी, आपूर्ति जल्द
सरकार ने चारा उपलब्धता को लेकर टेंडर प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों में यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जबकि कुछ जिलों में इसे पूरा भी कर लिया गया है। जहां टेंडर पूरे हो चुके हैं, वहां जल्द ही चारे की आपूर्ति शुरू होने की संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि कहीं भी देरी या अनियमितता न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
किसानों से सीधी खरीद पर जोर
सरकार की इस योजना का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलने वाला है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि भूसा संग्रह अभियान को अभियान के रूप में चलाया जाए और किसानों से सीधे खरीद को प्राथमिकता दी जाए। इस व्यवस्था से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा, वहीं बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
गोचर भूमि से चारा बढ़ाने की योजना
सरकार ने गोआश्रय स्थलों के आसपास स्थित गोचर भूमि का उपयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया है। तय परिधि के भीतर आने वाली जमीन को चारा उत्पादन और भंडारण से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर ही संसाधनों की उपलब्धता बढ़ सके।
गुणवत्ता और भंडारण पर खास ध्यान
केवल चारे की मात्रा ही नहीं, उसकी गुणवत्ता पर भी सरकार सख्त है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भूसा और साइलेज की नियमित जांच हो, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। इसके साथ ही भंडारण व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे लंबे समय तक चारा सुरक्षित रखा जा सके।

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